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कविता

उसकी आवाज आती है
संजय चतुर्वेदी


सर्दियों में
नीचे कोई रोता है
सीलन की तरह उसकी आवाज
शहरों का हिस्सा है

गर्म बिस्तर पर
जब सारी अच्छी किताबें
एक-एक कर दिमाग में आती हैं
बाहर निकलने का मन नहीं करता

उसकी आवाज आती रहती है
पीने के पानी को और ठंडा करती हुई
और इस सारे संसार को।

 


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