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कविता

प्रेम करती लड़कियाँ
श्रीरंग


हमारे मुहल्ले में
एक लड़की ने प्रेम किया
घूमी स्कूटर पर प्रेमी के साथ
देखी फिल्म
खाई चाट, इडली, ढोसा, दही-बड़ा
और कर लिया एक दिन घर से भागकर
प्रेम विवाह...
हमारे मुहल्ले में
खूब चर्चित रहा यह प्रेम प्रसंग
किंतु जीते जी मर गई वह लड़की
माँ के लिए
पिता के लिए
भाई बहनों के लिए
संबंधियों, पड़ोसियों, सहेलियों के लिए...

हमारे मुहल्ले में
एक दिन आई ये खबर
मारी गयी वह
हुए सब दुखी लड़की का हश्र सुनकर
पर सबकी थी सलाह
यही कि, जो हुआ सो हुआ
अब होगा क्या
होनी थी सो हुई
और सब कुछ हो गया रफा-दफा...

हमारे मुहल्ले में
कई लड़कियाँ प्रेम कर रही हैं
'यह सब कुछ जानते हुए भी'
तुम कह सकते हो कि
वे आत्महत्या कर रही हैं प्रेम नहीं
लेकिन यह भी कि
मरने से कब डरती हैं
प्रेम करती लड़कियाँ...।

 


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