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कविता

पचास वर्ष होने पर
विश्वनाथ प्रसाद तिवारी


वाह-वाह
पचास वर्ष
हाय-हाय
पचास वर्ष

टाँय-टाँय
ठाँय-ठाँय
साँय-साँय
पचास वर्ष

हा-हा
हूँ-हूँ
हीं-हीं
पचास वर्ष

यह नहीं
वह नहीं
क्यों नहीं
पचास वर्ष

अब आया
तब आया
कब आया
पचास वर्ष

यह गया
वह गया
बह गया
पचास वर्ष

लुत्ती-सा चमका
बादल-सा फटा
तंबू-सा उखड़ा
पत्ते-सा झरा
पचास वर्ष।

 


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