hindisamay head
डाउनलोड मुद्रण

अ+ अ-

कविता

दर्द का रिश्ता
दिव्या माथुर


इकतरफ़ा था
कब तक निभता
पूरी तरह से
टूटा न था
केवल चटका
कैसे निभता

जब तक मुझसे
निभा निभाया
दर्द का रिश्ता
टूटे हाथ सा
सदा साथ
रहता है लटका
दर्द दर्द
और दर्द है करता


End Text   End Text    End Text

हिंदी समय में दिव्या माथुर की रचनाएँ