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कविता

एक सत्य
सुरजन परोही


देह और देह
सृष्टि और शरीर
इनका या उनका
एक ही तत्व
और मृत्यु - एक सत्य

भारत ने
कभी नहीं छोड़ी
अपनी प्राचीनता सूरीनाम में
कैसे छोड़ दें - मूल भारतीय
अपनी मौलिकता
और संस्कृति

 


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हिंदी समय में सुरजन परोही की रचनाएँ