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कविता

क्यों कहलाया तटस्थ मैं ?
राजकुमार कुंभज


मुझे याद नहीं
कि मैं किसी नदी तट तक कभी गया
अथवा नहीं
फिर भी कहलाया तटस्थ
क्यों कहलाया तटस्थ मैं ?
कुछ पता नहीं
अभी तक तो सबसे पहले ही
पहुँचा हूँ वहाँ-वहाँ लेकर अपनी कविता
जहाँ-जहाँ हुई हैं हत्याएँ।

 


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हिंदी समय में राजकुमार कुंभज की रचनाएँ