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कविता

हाथी
एस. जोसफ
संपादन - मिनीप्रिया आर.


जंगल का हाथी पानी की मछली है।
पानी से मछली पकड़ी जाती है
पानी वहीं रहता है।
जंगल से हाथी पकड़ा जाता है।
जंगल वहीं रहता है।
मछली से व्यंजन बनाया जाता है, भूना जाता है
हाथी से लट्ठा उठाया जाता है
उसे सजा-धजाकर
त्यौहार में खड़ा किया जाता है
पानी हिलोरें भरता रहता है -
हाथी से वंचित जंगल
बाहर आता है
आदमी भागने लगते हैं, कराहते हैं।
जंगल का हाथी पानी की मछली नहीं।
 


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