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कविता

संबंध
मोहन सगोरिया


बिजली और बादल से
नींद का अवश्य कोई संबंध है
कि इधर वे चमके-कड़के
उधर वह उठ बैठा तड़के

बरसात और बदली का संबंध भी
जरूर होगा अंधकार से

ठीक इसके उलट
अभी-अभी उठकर
चल देने वाले का संबंध
जैसे अंधी कोठरी से छनकर
आ रही किरण से है।


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