hindisamay head
डाउनलोड मुद्रण

अ+ अ-

कविता

जीवित
उदय प्रकाश


जिसकी हत्या का निर्णय लिया जा चुका है
उसको लगातार जीवित रखने का
कितना सक्रिय और सक्षम प्रावधान है

जिसकी हत्या की जा चुकी है
वह थोड़ा सा जीवित रखा जाता है
अपनी हत्या के प्रमाणों और अटकलों को मिटाता हुआ

उसका जरा-जरा सा जीवन
साक्ष्य बनता है उस दयालुता का
जो हत्यारों के पक्ष में ही हमेशा सिद्ध हुआ करती है

सब कहते हैं तो आप भी कहिए
करुणा और नैतिकता के शीरे में पगी है हमारी संस्कृति
अहिंसा के स्वर्ग में बना है संविधान ।

(तुक के लिए चाहें तो जोड़ लें -
हम सब और हमारा सब कुछ महान)


End Text   End Text    End Text

हिंदी समय में उदय प्रकाश की रचनाएँ



अनुवाद