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कविता

हमारे-तुम्हारे बीच की कड़ी
हरिओम राजोरिया


उन्होंने अपनी सोने की मूठ वाली छड़ी
एक तसवीर की तरफ घुमाई
एक रंगीन चमचमाती हुई कार की थी यह तसवीर
कार से कुहनी टिकाए खड़ी
एक अधनंगी युवती भी थी इस तसवीर में
देखने वाले सब हतप्रभ थे
और उनकी बातों को ध्यान से सुन रहे थे
उनके संक्षिप्त वक्तव्य में
कार की तमाम खूबियों का जिक्र था

ऐसा अनोखा अंग्रेजी नाम था उस कार का
जिसे जुबान पर चढ़ा पाना मुश्किल था
वे बार-बार उसका नाम लेते
और बार-बार सहम जाते सुनने वाले
कार की कीमत सुनकर तो
चुप्पी सी छा गई
खुले के खुले रह गए सबके मुँह
सबकी आँखों में
एक चमचमाती हुई सुंदर कार थी

इस सम्मोहन से वे खासे उत्साहित हुए
और विहँसते हुए कहने लगे -
''कार भर नहीं है यह दोस्तो !
यह तो एक सपना है
ऐसा सपना
जो तुम खुली आँखों से देख पा रहे हो
फिर से इस कार की सुंदरता को निहारो
इसे देख कर एक हूक सी उठती है
यह तुम्हारे पास भी हो सकती हे
पिंक सूट वाले जो भाईसाहब बैठे हैं
उनके पास भी
और उन महरून साड़ी वाली बहिन जी के पास भी
मैं तो कहता हूँ
हर उस आदमी के पास हो सकती है यह कार
जिनके भीतर ललक है सपने देखने की''

वे बोलते ही चले जा रहे थे -
''यह ऐसा सपना है दोस्तो !
जो तुम्हें छलाँग लगाना सिखाएगा
ऐसी छलाँग जो कोई गँवार नहीं लगा सकता
गरीब-गुरबे और गँवार तो पैदल चलते हैं
और एक मामूली खड्डे को फाँदने में ही
फोड़ लेते हैं अपने घुटने
हम उस छलाँग की बात कर रहे हैं दोस्तो !
जो तुम्हें उस कार तक पहुँचाएगी
ऐसी छलाँग
जो ऊब और घुटन भरी दिनचर्या से
तुम्हें हवा के ताजा झोंके की तरफ ले जाएगी''

फिर वे अपनी बात पर आ गए -
''इस देश में रहने वाले हर एक आदमी की जेब से
अगर एक-एक पैसा भी आप चुराओगे
तो एक दिन इस कार तक पहुँच जाओगे
क्षमा करना दोस्तो !
यह कोई चोरी नहीं है
यह नेटवर्किंग मार्केटिंग है
जो जाल बिछाकर ही की जाती है

जो सिर्फ हमारे और तुम्हारे बीच का ही मामला है
हमारे पास सुंदर चमचमाती हुई कार है
और तुम्हारी आँखों में
सपना है कार के होने का
और यही एक कड़ी है
जो हम दोनों को आपस में जोड़ती है''


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