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कविता संग्रह

औषधीय पौधों की कहानी… उनकी जुबानी
आनंद वर्धन

अनुक्रम

अनुक्रम अपराजिता की बेल     आगे

मैं आरोही चढ़ने वाली
अपराजिता कहाती हूँ    
फेबेसी परिवार हमारा          
बहुत काम मैं आती हूँ

सुंदर फूल सफेद व नीले
लगें देखने में अच्छे
आगे से चौड़े पत्ते हैं
सिकुड़े सिकुड़े से पीछे

विष्णुकांता मैं कहलाती
कृष्णकांता भी कहते
मेरे गुण इतने सारे हैं
रोगों से लड़ते रहते

जड़ें, पत्तियाँ, बेलें मेरी
सबकुछ ही हैं उपयोगी
कफविकार हो, विषबाधा हो
ठीक करूँ ऐसे रोगी

रहे शिकायत आमवात की
उदर रोग भी रहे जिन्हें
संधिवात हो, नेत्र रोग हो
बहुत फायदा मिले उन्हें

हिंदी नाम - अपराजिता
वैज्ञानिक नाम - क्लाइटोरिया टरनेशिया
परिवार - फेबेसी
प्रयोग में लाया जाने वाला भाग - बेल, जड़ और पत्तियाँ
उपयोग - सिरदर्द, सर्पविष, आमवात, संधिवात, उदर रोग, कफविकार, नेत्र रोगों में उपयोगी


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