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कविता

मिट्टी का बर्तन
तियांहे

अनुवाद - साधना अग्रवाल


मिट्टी का बर्तन
अभी-अभी नया, भट्टे से निकला
जलने के बाद हो गया है काला  
यही उसकी सुंदरता है
मेरी चाची इस्तेमाल करती हैं उसको
आलू, स्ट्यू मांस और नमक रखने के लिए
यह बहुत सहज है
बिल्कुल मेरे चाचा की तरह
जो हमेशा चाची के पीछे रहते हैं।
 


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