गेरू की लिपियाँ, दोपहर में गुलमोहर (नवगीत), अनामिका, चेतना के दैत्यम, आदमी को देखकर (गजल संग्रह)
उ.प्र हिंदी संस्थान सहित अनेक संस्थाओं से पुरस्कृत तथा सम्मानित