कविता-संग्रह : घर-घर घूमा, रात-बिरात, मगर एक आवाज, देखा-अदेखा, ये बदमस्ती तो होगी, देखा पहली दफा अदेखा, उपस्थित है समुद्र गद्य साहित्य- अंदमान-निकोबार की लोक कथाएँ, पहाड़ और परी का सपना, चाँद का धब्बा, पेड़ भी चलते हैं, बुंदेली लोक रागिनी
मध्य प्रदेश साहित्य परिषद के रामविलास शर्मा सम्मान से पुरस्कृत, वागीश्वरी सम्मान , रज़ा सम्मान, पुश्किन और नागार्जुन सम्मान