आलोचना : वर्तमान हिंदी महिला कथा लेखन और दांपत्य जीवन, साहित्य का सच, आलोचना का पुनर्पाठ
अन्य : हिंदी भाषा का व्यावहारिक व्याकरण, हिंदी की साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में विवाद
डायरी : बेतरतीब तिथियों में कहीं मैं फिर मिलूँ
अनुवाद : चीनी कवि तियाँहे की कविताओं का हिंदी अनुवाद
संपादन : हमारे युग का खलनायक : राजेंद्र यादव, साक्षात्कार : नंदकिशोर नवल
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