पत्रकारिता के उत्तर आधुनिक चरण, संवाद चलता रहे, रंग, स्वर और शब्द, महाअरण्य की माँ, मृणाल सेन का छायालोक, करुणामूर्ति मदर टेरेसा, समाज, संस्कृति और समय, मीडिया संस्कृति समय, नजरबंद तसलीमा, पानी रे पानी, चलकर आए शब्द, पत्रकारिता के नए परिदृश्य, दलित आंदोलन और बांग्ला साहित्य, राष्ट्र निर्माताओं की पत्रकारिता,
स्तंभलेखन : सन्मार्ग, लोकमत समाचार, दैनिक जागरण और अमर उजाला
संपादनः बांग्ला मासिक भाषाबंधन तथा बांग्ला त्रैमासिक वर्तिका का अवैतनिक संपादन।