आलोचना : साहित्य और जनसंघर्ष, मिथक और आधुनिक कविता, प्रेमचंद का पुनर्मूल्यांकन, बौद्धिक उपनिवेशवाद की चुनौती और रामचंद्र शुक्ल, दूसरे नवजागरण की ओर, धर्म का दुखांत, संस्कृति की उत्तरकथा, दुस्समय में साहित्य, हिंदी नवजागरण और संस्कृति, सभ्यता से संवाद, रामविलास शर्मा, भारतीय अस्मिता और हिंदी, कवि की नई दुनिया
संपादन : भारतेंदु और भारतीय नवजागरण, राष्ट्रीय मुक्ति आंदोलन और प्रसाद, जातिवाद और रंगभेद, गणेशशंकर विद्यार्थी और हिंदी पत्रकारिता, राहुल सांस्कृत्यायन, हिंदी नवजागरण : बंगीय विरासत (दो खंड), रामचंद्र शुक्ल के लेखों के बांग्ला अनुवाद का संकलन-संचयन, आधुनिकता की पुनर्व्याख्या, सामाजिक क्रांति के दस्तावेज (दो खंड), 1857, नवजागरण और भारतीय भाषाएँ, संस्कृति के प्रश्न : एशियाई परिदृश्य