कविता संग्रह : वे फिर आएं हैं
अनुवाद : भारतीय राष्ट्र वाद की अधुनातन प्रवृत्तियां, भारतीय समाज, यूरोपीय उदारवाद का उदय, ले के रहेंगे अपना पानी, संचार के सिद्धांत, बुद्धि के व्य वस्था पक, आधुनिक समाज में वर्ग
संपादन : धर्म का मर्म, पत्रकारिता : मिशन से मीडिया तक, 1857 : अवध का मुक्ति संग्राम, प्रसाद का जीवन दर्शन