आलोचना : मुक्तिबोध : स्वप्न और संघर्ष, आधुनिकता और उपनिवेश, कहानी समय, आईनाख़ाना (1857 और 1947 : हमारे समय में)
अनुवाद : कामयोगी (द एसेटिक ऑव डिज़ायर - सुधीर कक्कड़ का अँग्रेजी उपन्यास), अब्राहम लिंकन : अनजानी शख़्सियत (अब्राहम लिंकन : द अननोन - डेल कार्नेगी द्वारा लिखी गई अब्राहम लिंकन की जीवनी)
संपादन : परख (आलोचना की अनियतकालीन पत्रिका - कुल चार अंक प्रकाशित), शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी की दो किताबों ‘उर्दू का आरंभिक युग’ और शेर-शोरअंगेज़’ के उर्दू से हिंदी अनुवाद का संपादन